देश की प्रमुख डिफेंस PSU कंपनी Hindustan Aeronautics Limited यानी HAL एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कंपनी के Q4FY26 नतीजे नहीं, बल्कि Tejas Mk-1A फाइटर जेट की डिलीवरी में संभावित देरी है। इंडियन एयरफोर्स (IAF) के साथ मई में होने वाली अहम रिव्यू मीटिंग फिलहाल टल गई है, जिससे 180 Tejas Mk-1A एयरक्राफ्ट की सप्लाई टाइमलाइन को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। यही कारण है कि शुक्रवार को HAL के शेयर पर बाजार की खास नजर रहने वाली है। हालांकि दूसरी तरफ कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक, शानदार Q4 नतीजे और लॉन्ग टर्म डिफेंस ग्रोथ स्टोरी अब भी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
Hindustan Aeronautics Limited को फरवरी 2021 में 83 Tejas Mk-1A फाइटर जेट्स का ऑर्डर मिला था। इसके बाद नवंबर 2025 में कंपनी को 97 और एयरक्राफ्ट का ऑर्डर मिला। इस तरह कंपनी के पास कुल 180 Tejas Mk-1A एयरक्राफ्ट का बड़ा ऑर्डर मौजूद है।
लेकिन समस्या GE Aerospace के F404-IN20 इंजन की सप्लाई में देरी और सिस्टम इंटीग्रेशन से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों की वजह से बढ़ गई है। HAL के पास फिलहाल 5 इंजन उपलब्ध हैं, लेकिन इंडियन एयरफोर्स अभी डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है।
क्यों टली IAF और HAL की अहम मीटिंग?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंडियन एयरफोर्स और HAL के बीच मई में एक महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग होने वाली थी, लेकिन फिलहाल इसे टाल दिया गया है।
IAF का कहना है कि जब तक सिस्टम इंटीग्रेशन, वेपन फायरिंग और EW Suite Integration से जुड़ी तकनीकी समस्याएं पूरी तरह हल नहीं हो जातीं, तब तक वह Tejas Mk-1A की डिलीवरी स्वीकार नहीं करेगा। यही वजह है कि अब निवेशकों की चिंता बढ़ गई है कि कहीं डिलीवरी में और ज्यादा देरी न हो जाए।
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GE Aerospace की सप्लाई भी बनी चुनौती
HAL ने साल 2021 में GE Aerospace को 99 F404-IN20 इंजनों का ऑर्डर दिया था। लेकिन अब तक सिर्फ 6 इंजनों की ही डिलीवरी हो पाई है। इसके बाद नवंबर 2025 में कंपनी ने 113 और इंजन का नया ऑर्डर दिया, लेकिन सप्लाई में धीमी रफ्तार अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। चूंकि Tejas Mk-1A में इन्हीं इंजनों का इस्तेमाल होना है, इसलिए इंजन सप्लाई में देरी का सीधा असर HAL की डिलीवरी टाइमलाइन पर पड़ रहा है।
HAL Q4FY26 Results
| पैरामीटर | Q4FY26 | YoY ग्रोथ |
|---|---|---|
| Revenue | ₹13,942 करोड़ | 1.8% |
| EBITDA | ₹5,058 करोड़ | -4.5% |
| EBITDA Margin | 36.3% | घटा |
| Adjusted PAT | ₹4,196 करोड़ | 5.5% |
कंपनी के मार्च तिमाही नतीजे कुल मिलाकर मजबूत रहे। Revenue और Net Profit दोनों में सुधार देखने को मिला, हालांकि EBITDA Margin में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। डिफेंस सेक्टर में HAL का मजबूत ऑर्डर बुक और सरकारी सपोर्ट कंपनी की लॉन्ग टर्म ग्रोथ को सपोर्ट करता है।
HAL Share Price
HAL का शेयर पिछले दो सालों में काफी वॉलेटाइल रहा है। जुलाई 2024 में स्टॉक ने ₹5,675 का लाइफ हाई बनाया था। इसके बाद भारी करेक्शन देखने को मिला और मार्च 2025 में शेयर ₹3,046 तक फिसल गया।
हालांकि उसके बाद शेयर में शानदार रिकवरी आई और यह मई 2025 में ₹5,165 तक पहुंच गया। फिलहाल शेयर करीब ₹4,610 के आसपास ट्रेड कर रहा है और मार्च 2026 के निचले स्तर से लगभग 32-35% रिकवर कर चुका है।
HAL Share Price Target
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि HAL के शेयर में बड़ा Consolidation Pattern बन रहा है। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च प्रमुख Shrikant Chouhan के अनुसार ₹4,500–₹4,550 की रेंज HAL के लिए मजबूत सपोर्ट जोन है। अगर स्टॉक इस रेंज के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में ₹5,000 के ऊपर जाने की संभावना दिखाई दे रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
Tejas Mk-1A डिलीवरी में संभावित देरी निश्चित रूप से Short-Term Sentiment को प्रभावित कर सकती है। खासतौर पर तब जब इंडियन एयरफोर्स खुद तकनीकी समस्याओं के समाधान तक डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है।
लेकिन दूसरी तरफ HAL का विशाल ऑर्डर बुक, भारत का बढ़ता डिफेंस बजट और घरेलू रक्षा उत्पादन पर सरकार का जोर कंपनी के लॉन्ग टर्म आउटलुक को मजबूत बनाए हुए है। अगर आने वाले महीनों में इंजन सप्लाई और तकनीकी समस्याओं का समाधान हो जाता है, तो HAL फिर से तेज रफ्तार पकड़ सकता है।
FAQ
Q1. HAL को कुल कितने Tejas Mk-1A एयरक्राफ्ट का ऑर्डर मिला है?
HAL को कुल 180 Tejas Mk-1A एयरक्राफ्ट का ऑर्डर मिला है।
Q2. डिलीवरी में देरी की सबसे बड़ी वजह क्या है?
GE Aerospace से इंजन सप्लाई में देरी और तकनीकी इंटीग्रेशन समस्याएं सबसे बड़ी वजह हैं।
Q3. HAL के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल क्या माना जा रहा है?
₹4,500–₹4,550 की रेंज को मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
Conclusion
Hindustan Aeronautics Limited के लिए Tejas Mk-1A डिलीवरी में देरी की खबर Short-Term में दबाव जरूर बना सकती है, लेकिन कंपनी की Long-Term Defence Growth Story अभी भी मजबूत दिखाई देती है।
निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी होगा कि वे आने वाली HAL-IAF मीटिंग, GE इंजन सप्लाई अपडेट और अगले कुछ क्वार्टर्स के Execution पर नजर रखें। अगर तकनीकी चुनौतियां जल्दी सुलझती हैं, तो HAL फिर से डिफेंस सेक्टर का मजबूत लीडर बनकर उभर सकता है।





